गिरिडीह नगर थाना की पेट्रोलिंग गाड़ी बार-बार बीच सड़क पर बंद होने की समस्या से जूझ रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिसकर्मियों को राहगीरों की मदद से वाहन को धक्का देकर चालू करना पड़ता है, जिससे पेट्रोलिंग करना चुनौतीपूर्ण बन गया है। इस स्थिति ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। नागरिकों का कहना है कि जब पुलिस वाहन ही भरोसेमंद नहीं है, तो आपात परिस्थितियों में समय पर कार्रवाई कैसे संभव होगी। झारखंड सरकार ने राज्य पुलिस के लिए 1255 एसयूवी और 1697 हाई-स्पीड बाइक खरीदने की मंजूरी दी है, लेकिन विभागीय औपचारिकताओं के कारण ये वाहन कई महीनों से रांची में खड़े हैं और थानों तक नहीं पहुंच पाए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि तकनीकी खराबी और प्रशासनिक देरी सुरक्षा पर प्रतिकूल असर डाल रही है।
Giridih News: गिरिडीह में पुलिस पेट्रोलिंग गाड़ियाँ बेदम, धक्का लगाते नजर आए पुलिसकर्मी




