झारखंड में जमीन की रजिस्ट्री कराने के बाद अब रैयतों को दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) के लिए अलग से आवेदन नहीं करना होगा। राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग ने झारभूमि सॉफ्टवेयर को अपग्रेड किया है। नई व्यवस्था में रजिस्ट्री के साथ ही दस्तावेज सीधे संबंधित अंचलाधिकारी (सीओ) के लॉग इन में उपलब्ध होंगे, जिससे प्रक्रिया सरल होगी और दोहरे आवेदन की समस्या समाप्त होगी। यदि कोई मामला रिजेक्ट होता है, तो रैयत डीसीएलआर के पास अपील करेंगे। 2008 से पहले के डीड पर म्यूटेशन अब ऑनलाइन आवेदन से संभव नहीं होगा। अपग्रेडेशन के बाद पड़ोसी रैयत भी ऑनलाइन आपत्ति दर्ज कर सकेंगे। साथ ही सीओ को त्रुटि सुधार का अधिकार मिलेगा, जिससे म्यूटेशन निरस्तीकरण में कमी आएगी। नई प्रणाली अगले दो से तीन महीने में लागू होने की संभावना है और इससे अधिकारियों व रैयतों दोनों को लाभ होगा।
Jharkhand News: झारखंड में दाखिल-खारिज प्रक्रिया में बड़ा बदलाव, रजिस्ट्री के साथ होगा स्वतः म्यूटेशन



