गिरिडीह सदर अस्पताल में इलाज के दौरान लापरवाही का आरोप
गिरिडीह सदर अस्पताल में इलाज के दौरान एक महिला मरीज की मौत के बाद अस्पताल प्रशासन और ब्लड बैंक की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मृत महिला की पहचान फुलची निवासी मीना देवी के रूप में हुई है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि समय पर खून नहीं मिलने की वजह से महिला की जान चली गई। घटना के बाद अस्पताल परिसर में काफी देर तक हंगामा और आक्रोश का माहौल बना रहा।
डॉक्टरों ने बताया था खून की तत्काल जरूरत
जानकारी के अनुसार, मीना देवी की तबीयत लगातार बिगड़ रही थी, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों ने जांच के बाद तत्काल खून चढ़ाने की जरूरत बताई थी। परिजनों का कहना है कि मरीज को एक दिन पहले ही भर्ती कराया गया था, लेकिन अस्पताल कर्मियों ने उन्हें अगले दिन सुबह 8 बजे आने को कहा।
ब्लड मिलने में हुई देरी, बिगड़ती चली गई हालत
परिजन तय समय पर अस्पताल पहुंचे, लेकिन सुबह 9 बजे तक भी खून उपलब्ध नहीं कराया गया। इस दौरान मरीज की हालत लगातार बिगड़ती गई और समय पर इलाज न मिलने के कारण स्थिति गंभीर हो गई।
परिजनों का आरोप: खुद दिया खून, फिर भी हुई देरी
परिजनों ने आरोप लगाया कि उन्होंने खुद रक्तदान कर ब्लड बैंक में खून उपलब्ध कराया था, लेकिन इसके बावजूद प्रोसेसिंग और ब्लड मैचिंग के नाम पर देरी होती रही। इसी दौरान महिला की हालत और खराब हो गई और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
अस्पताल में हंगामा, जांच शुरू
घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। मामले की जानकारी मिलने पर अस्पताल प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है।
टेक्नीशियन पर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू
प्रारंभिक जांच में ब्लड बैंक के एक लैब टेक्नीशियन की लापरवाही सामने आने के बाद उसकी सेवा समाप्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मामले की विस्तृत जांच जारी है।



