आज विधानसभा सत्र के दौरान ओबीसी छात्रों के लंबित छात्रवृत्ति भुगतान को लेकर कल्याण मंत्री चमरा लिंडा और विधायक जयराम महतो के बीच तीखी बहस हुई। जयराम महतो ने क छात्रवृत्ति राशि न देने पर कहा कि अगर केंद्र से अगर पैसा नहीं आएगा तो सरकार स्पष्ट घोषणा करे कि छात्रों को छात्रवृत्ति देंगे या नहीं। इसके जवाब में कल्याण मंत्री चमरा लिंडा ने बताया कि केंद्र द्वारा राशि ही नहीं मिल रही है तो हम क्या करें। केंद्र और राज्य का इस भुगतान में 60-40 का अनुपात है। अगर केंद्र पैसा देगी तभी हमारा राशि भी खुल पाएगी। हालांकि उन्होंने कहा को राज्य सरकार अब वैकल्पिक मार्ग ढूंढ रही है। उन्होंने नियम में शिथिलता लाकर छात्रवृत्ति का भुगतान सुनिश्चित करने की बात कही।
इस बाबत जयराम महतो ने सुझाव दिया कि बच्चों को ब्याज रहित ऋण दिया जाए और विधायक फंड को रोककर छात्रवृत्ति मद में राशि डाली जाए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि आवश्यकता पड़ी तो मेरा बंगला नीलाम कर दिया जाए, ताकि छात्र अपने भविष्य की पढ़ाई जारी रख सकें। उन्होंने कहा कि अगर 4-5 वर्ष पीसीसी, ना और फेवर ब्लॉक नहीं बने तो कोई नुकसान नहीं होगा, लेकिन अगर बच्चे पढ़ नहीं पाएंगे तो उनका पूरा भविष्य खराब हो जाएगा।
Jharkhand News: छात्रवृत्ति विवाद को लेकर कल्याण मंत्री और विधायक जयराम महतो आए आमने-सामने




