झारखंड सरकार ने मंगलवार को पेश बजट में ग्रामीण विकास, पंचायती राज और पर्यावरण संरक्षण को नई दिशा देने का ऐलान किया। गांवों के समग्र उत्थान, रोजगार सृजन और हरित क्षेत्र विस्तार पर विशेष जोर दिया गया है। वित्त वर्ष 2026-27 में 4,44,257 लाभार्थियों के लिए अबुआ आवास निर्माण का लक्ष्य तय किया गया है, जिसमें प्रति लाभार्थी दो लाख रुपये की सहायता पांच किस्तों में दी जाएगी। नरेगा के तहत 12 करोड़ मानव दिवस रोजगार का लक्ष्य रखा गया, जिसमें फरवरी के पहले सप्ताह तक 10 करोड़ से अधिक मानव दिवस सृजित हो चुके हैं। सखी मंडलों के उत्पादों को “पलाश ब्रांड” के जरिए सालभर बाजार उपलब्ध कराया जा रहा है। वन व पर्यावरण क्षेत्र में निवेश बढ़ाते हुए 2026-27 में 2.60 करोड़ पौधारोपण का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही, महात्मा गांधी नरेगा योजना, India State of Forest Report 2023 के आंकड़ों के अनुसार वन क्षेत्र विस्तार और इको-टूरिज्म से स्थानीय रोजगार को बढ़ावा देने की योजना है। सारंडा, पाकुड़ और गुमला में इको पार्क और जैव विविधता पार्क विकसित किए जाएंगे।
Jharkhand News: झारखंड में एक साल में बनेंगे 4 लाख 44 हजार अबुआ आवास




